विरासत।
अनुभव सिर्फ़ सालों की गिनती नहीं है।
जिसे हम अनुभव कहते हैं, वह अनगिनत फोन कॉल, जहाज़ों के इंतज़ार और आखिरी पल में बदले शेड्यूल से बनता है। उसमें बॉर्डर क्रॉसिंग हैं, सीमा शुल्क की प्रक्रियाएँ हैं; ऐसे दस्तावेज़ हैं जो खोने नहीं चाहिए और ऐसा माल है जिसे समय पर पहुँचना ही है। सबसे बढ़कर, वह एक साख है, जिसे बरसों में दिए गए वादे धीरे-धीरे बुनते हैं।
मेरे लिए यह अतीत कभी सामने बिछा हुआ बना-बनाया रास्ता नहीं था। बात इसके उलट थी: यह एक भारी ज़िम्मेदारी थी कि इसकी नींव पर कुछ नया खड़ा करूँ।
क्योंकि पारिवारिक विरासत सँभालने का मतलब अतीत को जस का तस दोहराना नहीं है। असली बात है, जो बना है उसे आने वाले कल की दुनिया तक ले जा पाना।
यह लेख पहले तुर्की भाषा में LinkedIn पर प्रकाशित हुआ था।